पुस्तक परिचय







सादर नमन 🙏"भावों के मोती"

आप सभी को बताते हुए हर्ष का अनुभव हो रहा है कि समूह के "सक्रिय सदस्य रचनाकार" अब "पटल पर"अपनी प्रकाशित पुस्तक "एकल संग्रह" का परिचय दे सकते हैं.... प्रचार/प्रसार कर सकते हैं...इस हेतु.....

1)आपकी पुस्तक का मुखपृष्ठ और आख़िरी पृष्ठ का चित्र,मय पुस्तक के भीतर की 8-10/इच्छानुसार रचनाओं को सम्मिलित करते हुए "समूह एडमिन"को मेसेंजर पर प्रेषित करना हैं... यदि बाहर पुस्तक की कीमत अंकित न हो तो कृपया वह भी अवश्य इंगित करें .. 

2)आपकी पुस्तक अवलोकन /समीक्षा हेतु "पटल" पर प्रेषित की जायेगी...

टीम "भावों के मोती"



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नमस्कार "भावों के मोती"

🙏
12/06/2019
🌷पुस्तक परिचय-5🌷
*नाम पुस्तक :-ज़िंदगीनामा कुछ लम्हे -कुछ सपने



                   लेखिका :-🌷मीनाक्षी भटनागर 🌷

*नाम पुस्तक :-ज़िंदगीनामा
कुछ लम्हे -कुछ सपने
लेखिका : मीनाक्षी भटनागर
*जन्म तिथि - 26-दिसम्बर
*जन्म स्थान - लखनऊ
*शिक्षा - पोस्ट ग्रेजुएशन रसायन विज्ञान
*सृजन की विधाएँ - छंद मुक्त , गीत ,पिरामिड ,तांका,चोका , लघुकथा , पत्रलेख
*प्रकाशित कृतियाँ - जि़दंगीनामा-कुछ लम्हे, कुछ सपने
*प्राप्त सम्मान - आनलाइन मंच से सम्मानित, काव्य गोष्ठियाँ आयोजन में सम्मानित..
*संप्रति - अध्यापन , अब लेखन
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प्रथम प्रकाशन :-अयन प्रकाशनृ
प्रकाशक :- श्री भूपी सूद
प्रकाशन वर्ष:-2019
पुस्तक मूल्य:-170 ,
पुस्तक प्राप्ति के लिए सम्पर्क
श्री भूपी सूद
9818988613
पुस्तक प्रकाशन की समूह की ओर से बहुत-बहुत बधाई... अनेकानेक शुभकामनाएं...👏👏💐🌹💐🌹🎉🎉🎉🎉🎊🎊
आ0मीनाक्षी भटनागर जी की"ज़िंदगीनामा कुछ लम्हे -कुछ सपने" पुस्तक की रचनाएँ पढ़ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ.. जिसकी अधिकांश रचनाएँ छंदमुक्त हैं..
बरसात, चाँद, हवा जैसे प्राकृतिक विषयों को भी बहुत खूबसूरती से जीवन और उससे जुड़े सार्थक संदेशों के साथ संयुक्त किया गया है..बानगी देखिएगा..
"उधार की रोशनी से
चांद...
अपना ही घर नहीं भरता पूरा जग जगमगाता है.. "
"हवा आज तुम भीगी भीगी सी हो क्या दर्द किसी का देख लिया
या खुद ही दर्द की मारी हो.."
रचनाओं में पीड़ा है.. प्रेम है.. सामयिक चिंतन है.. हालातों पे व्यंग्य भी..
"मुद्दे रोज के उठाते रहे
कभी राम तो कभी रहीम को जगाते रहे.."
"मैं तब भी ड्यूटी पर होता हूँ... "
पुलिस की जिंदगी जैसे एक अछूते विषय पर हृदयस्पर्शी सृजन किया है...जो आपकी संवेदना का परिचायक है....👏👏
"टीआरपी की दुनिया में तुम मजबूर से हो गए हो
कुछ तो दिखाना है सोच कर
उल्टे को सीधा सीधे को उल्टा क्यों दिखाने लगे..."
आज की दिखावे की परिस्थितियों पर व्यंग्य और रोष व्यक्त करती हैं...
कुल मिलाकर आपकी पुस्तक वाकई एक जिंदगीनामा है.. जिसमें अपने आस-पास के व्यवहारिक विषयों सहित अपने चिंतन को बेहद प्रभावी और सशक्त तरीके से उकेरा है...
सामाजिक सद्भाव और चिंतन को प्रेरित कर एक साहित्यकार के धर्म का निर्वहन बखूबी निभाया है..
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"भावों के मोती"की ओर से आपको अपनी प्रथम पुस्तक प्रकाशन की बहुत सारी बधाइयां 🎊🎉🎂🍰और आगे भी अनेक साहित्यिक उपलब्धियों की आशाओं के साथ आपको बहुत सारी शुभकामनाएँ.. l🙏🌹
ऋतुराज दवे
पुस्तक प्राप्ति लिंक -
https://www.facebook.com/100002865759650/posts/1843686322403542/
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शुभ साँझ 🌇
नमस्कार "भावों के मोती"
साथियों एक बार पुनः उपस्थित हूँ, समूह के सक्रिय रचनाकार डॉ0सुरेंद्र सिंह यादव की पुस्तक "उपवन( रंग बिरंगी कविताओं का)"की लघु समीक्षा/परिचय  के साथ.. 
🙏
             01/06/2019
        🌷पुस्तक परिचय-4🌷
*नाम पुस्तक :-"उपवन( रंग बिरंगी कविताओं का)"




लेखक :-🌷डॉ0सुरेंद्र सिंह यादव 🌷



*जन्म तिथि – 1-7-1940

* जन्म स्थान - मुरादाबाद
* शिक्षा – बी.एस.सी एम.बी.बी.एस 
* सृजन की विधाएँ - कविता
* प्रकाशित कृतियाँ – दो, 
1. सिर्फ तुम्हारे लिये , 2 .उपवन रंग बिरंगी कविताओं का                           
*प्राप्त सम्मान –  कोई नहीं
        
प्रथम प्रकाशन :-सिर्फ तुम्हारे लिए 
प्रकाशक :- स्वयं
प्रकाशन वर्ष:-2015
पुस्तक मूल्य:-रु.50/-मात्र

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आ0डॉ0सुरेंद्र सिंह यादव को उक्त पुस्तक प्रकाशन की समूह की ओर से बहुत-बहुत बधाई... अनेकानेक शुभकामनाएं...👏👏💐🌹💐🌹🎉🎉🎉🎉🎊🎊

आ0डॉ0सुरेंद्र सिंह यादव की"उपवन (रंग बिरंगी कविताओं का)" पुस्तक पढ़ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ.. नाम के अनरूप वाकई कविताओं में जीवन के अनेक रंग शामिल किये गए हैं... द्वय पंक्तियों में तुक के साथ क्रमिक लेखन आपकी विशेषता है.. 
आपका  अंदाज़ बड़ा चुटीला है हलके फुल्के हास्य में मर्म छिपा होता है... रचनाओं में बड़ी साफगोई है.. मूलतः रचनाएँ भावप्रधान है.. किन्तु व्यंग्य और व्यथा भी प्रखर दृष्टिगत होती है.. आपने अपने जीवन के परिचय सहित अन्य सामयिक घटनाओं पर बेबाक विचार प्रस्तुत किये हैं..अपने जीवन की घटनाओं का सहज काव्य रूपांतरण किया है..  आपने अपनी रचनाओं में असमय खोई पत्नी को सदैव रचनाओं में स्वप्न संवाद या  किसी न किसी रूप में जीवंत रखा है..और आपके  प्रेम और दर्द  को  पाठक भी शिद्द्दत से महसूस करता है... बानगी देखिये.. 
यादें तुम्हारी
तुम चलीं गई दूसरे लोक रह गई तुम्हारी यादें।
रखी है सहेज कर मैंने तो आपकी सारी बातें।।



प्रवाहमयी सहज और सरल काव्य के रूप में सीधी सपाट दिल की बातें हैं... 




"भावों के मोती"की ओर से आपको अपनी इस दूसरी पुस्तक प्रकाशन की बहुत सारी बधाइयां 🎊🎉🎂🍰और आगे भी अनेक साहित्यिक उपलब्धियों की आशाओं के साथ आपको बहुत सारी शुभकामनाएँ.. l🙏🌹

ऋतुराज दवे 
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निम्न लिंक पर जाकर पुस्तक आर्डर की जा सकती है.. 
उपवन (रंग बिरंगी कविताओं का) https://www.amazon.in/dp/9388727169/ref=cm_sw_r_sms_apa_i_OPK8CbRN0TMGE


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नमस्कार "भावों के मोती"🙏

साथियों "पुस्तक परिचय"की श्रंखला में एक बार फिर से आप सभी का हार्दिक स्वागत है..🌹

22/05/2019

🌷पुस्तक परिचय-3🌷

*नाम पुस्तक :-"उम्मीद की किरण"


*लेखिका :- आ0डॉ0ऊषा किरण

*जन्म तिथि - 14 अगस्त
*जन्म स्थान - परसौनी नाथ, मुजफ्फरपुर (बिहार)
*शिक्षा - बी.एड, पीएच. डी. (समाजशास्त्र)
*सृजन की विधाएँ - कविता, कहानी, हास्य - व्यंग्य, दोहे,कुंडलियां , गजल
*प्रकाशित कृतियाँ - उम्मीद की किरण, तू अपराजिता (एकल काव्य संग्रह) (तेरे मेरे गीत, स्वर निनाद, सुहानी भोर (प्रकाशन प्रक्रिया में एकल संग्रह) तेरे मेरे शब्द, शब्द कलश, स्त्री एक आवाज, शब्द - शब्द कस्तूरी , शब्दों का कारवाँ, मुक्त तरंगिनी (साझा संग्रह)
*प्राप्त सम्मान - काव्य संपर्क सम्मान - 2018, शब्द कुंज सम्मान 2018, काव्य सागर सम्मान 2018, माँ शारदे सम्मान - 2018, नारी शक्ति सागर सम्मान - 2019 08-
*संप्रति - शिक्षण और लेखन
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प्रथम प्रकाशन :-
प्रकाशक :- सत्यम प्रकाशन,झुंझुनू
प्रकाशन वर्ष:-2019
पुस्तक मूल्य:- ₹155
पुस्तक प्रकाशन की समूह की ओर से बहुत-बहुत बधाई... अनेकानेक शुभकामनाएं...👏👏💐🌹💐🌹🎉🎉🎉🎉🎊🎊
डॉ उषा किरण की"उम्मीद की किरण" पुस्तक पढ़ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ.. नाम अनुरूप मुखपृष्ठ बेहतरीन है और रचनाएं भी उम्मीद की किरण जगाती है...कविताओं के विषय का चयन ऐसा है कि पाठक का जुड़ाव तुरंत हो जाता है.. अधिकांश रचनाएँ छंदमुक्त हैं जिनका सन्देश सशक्त है और सबसे अच्छी बात जो किताब के शीर्षक को सही साबित करती है.. वो यह कि कहीं निराशा/नकारात्मकता नहीं झलकती... रचनाएँ व्यक्तिगत केंद्रित न हो कर वृहद दृष्टिकोण रखने वाली हैं... आदर्शवाद के साथ उच्च कोटि का बोध लक्षित होता है...मानवीय संवेदना से युक्त और भावपूर्ण सृजन है.. कुछ टंकण त्रुटियाँ अवश्य अखरती हैं.... लेकिन बेहद मामूली है..
कुल मिलाकर एक सराहनीय पुस्तक जो मानवीय भावनाओं और संवेदनाओं से ओत-प्रोत है और देशप्रेम, नीति मूल्यों का संवर्धन करती है...
नीचे दिए गए लिंक पर जाकर पुस्तक आर्डर की जा सकती है...
https://www.amazon.in/dp/B07L28QHZQ

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"भावों के मोती"की ओर से आपको अपनी प्रथम पुस्तक प्रकाशन की बहुत सारी बधाइयां 🎊🎉🎂🍰और आगे भी अनेक साहित्यिक उपलब्धियों की आशाओं के साथ आपको पुनः अनेकानेक शुभकामनाएँ.. l🙏🌹
ऋतुराज दवे

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नमस्कार "भावों के मोती"🙏


साथियों "पुस्तक परिचय"की श्रंखला में एक बार फिर से आप सभी का हार्दिक स्वागत है..🌹
🙏


16/05/2019

🌷पुस्तक परिचय-2🌷

*नाम पुस्तक :-"मैं खुद को ही खुद लिख दूँ.. "




लेखक:-श्री गोविन्द सिंह चौहान l


निवासी:-भागावड़,तहसील -भीम, जिला -राजसमंद, राजस्थान.. 
शिक्षा:- एम. ए. राजनीति विज्ञान (1988 )
जन्म- 16-04-1966
प्रथम प्रकाशन :-
प्रकाशक :- बोधि प्रकाशन,जयपुर 
प्रकाशन वर्ष:-2019
पुस्तक मूल्य:-120₹+30₹=150₹

"27वर्षों से 80%विकलांग एवं राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त "आ.गोविन्द सिंह चौहान" निवासी भागवड, जिला-राजसमंद राजस्थान को अपनी प्रथम पुस्तक" मैं खुद को खुद लिख दूँ.. " प्रकाशन की समूह की ओर से बहुत-बहुत बधाई... अनेकानेक शुभकामनाएं...👏👏💐🌹💐🌹🎉🎉🎉🎉🎊🎊
आपकी रचनाओं में जीवन की गहन अनुभूति..दर्शन बोध, उत्कृष्ट बिंब दृष्टिगत होते हैं...विषय पर बेहद पकड़.. एक भी शब्द व्यर्थ नहीं जाने देते... कुछ रचनाएँ बड़ी गूढ़ार्थ लिए चकित कर देने की क्षमता रखती हैं... आपने अक्षमता से संघर्ष करते हुए साहित्य में जीवन समर्पित किया, सकारात्मकता और प्रेरक रूप में मिसाल कायम की है...
"भावों के मोती" के जिन रचनाकारों ने उन्हें पुस्तक प्रकाशन हेतु आर्थिक सहयोग(कुल 19500₹) प्रदान किया था..
आ0सुमित्रानंदन पंत जी
आ0सी.एम.शर्मा जी
आ0वीणा शर्मा वशिष्ठ जी
आ0नवलकिशोर जी
आ0पूर्णिमा साह जी
आ0मुकेश राठौर जी
आ0ऋतुराज दवे जी
आ0रेणु रंजन जी
को आदरणीय गोविंद सिंह जी द्वारा उन्हें आभारस्वरूप एक प्रति भिजवाए जा रही है.. एक योग्य विद्वान हेतु मेरे व्यक्तिगत अनुरोध पर आप द्वारा किये गए सहयोग का जितना धन्यवाद दूँ कम है...🙏 यह पुस्तक अमेज़न पर भी उपलब्ध है इसका लिंक भी यहां शेयर कर रहा हूँ..
https://www.amazon.in/MAIN-KHUD-LIKH-DOON-POE…/…/ref=sr_1_1…
मूल्य मात्र 120+30=150/₹,लेखक की मदद के उद्देश्य से एक प्रति यहाँ से भी मंगवाई जा सकती है..
25-01-1992 को सिरोही में एक सड़क दुर्घटना में गर्दन से नीचे का भाग निष्क्रिय हो गया। एक हाथ के सहारे व कोहनियों के बल पर जीवन से सतत संघर्ष।
रुचि- लेखन व अध्ययन।
#प्रकाशित पुस्तकें
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1. "क्षत्रिय रावत राजपूत समाज-इक आईना" (ऐतिहासिक संदर्भ की पुस्तक )
2. "अजमेर मेरवाड़ा-क्षत्रिय रावत दर्शन" (सामाजिक विश्लेषणात्मक पुस्तक )
3. "चौहान वंश और ऐतिहासिक तथ्य"( शोध पुस्तिका )
4. कविता संग्रह "मैं खुद ही को खुद लिख दूँ"--बोधिप्रकाशन-जयपुर से प्रकाशित
# साहित्यालोचन मंच ब्यावर के काव्य संकलन"आहिस्ता-आहिस्ता" में चार रचनाएं व विभिन्न सामुहिक संग्रह पुस्तकों में रचनाएं प्रकाशित।
# पुष्कर-2014, ब्यावर-2017, भीम-2018 के प्रतिभा सम्मान समारोह में हिंदी साहित्य लेखन हेतु सम्मानित।
# उदयपुर की प्रतिष्ठित साहित्यिक,सामाजिक व वैचारिक संस्था द्वारा "राष्ट्रीय युगधारा सम्मान-2017" से सम्मानित।
# सृजन-सम्मान बहुआयामी सांस्कृतिक साहित्यिक संस्था रायपुर छत्तीसगढ़ द्वारा चौहदवें अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन जयपुर में "हिन्दी मित्र सम्मान 2017" से सम्मानित।
# काव्य गोष्ठी मंच-कांकरोली से "काव्य मित्र सम्मान" से सम्मानित तथा राजस्थान साहित्यकार परिषद द्वारा "श्री गोकुलानंद तैलंग स्मृति सम्मान" से विभूषित।
# मंज़िल ग्रुप साहित्यिक मंच (मगसम) गाज़ियाबाद-उत्तरप्रदेश द्वारा "शतकवीर सम्मान-2019" से सम्मानित।
# एक कविता संग्रह प्रकाशनाधीन। प्रतिष्ठित समाचार पत्रों तथा पत्रिकाओं में लेख,कविताएं,लघुकथाएं प्रकाशित।
# रावत-राजपूत समाज जागरण हेतु पाक्षिक विचारोत्तेजक लेखन ।
स्थाई पता --
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नाम -गोविन्द सिंह चौहान
गाँव - भागावड़
पोस्ट - भीम
जिला - राजसमन्द ( राज.)
पिन. 305921
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मो. 9783207045
मो. 9588921285
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नमस्कार "भावों के मोती"🙏

साथियों "पुस्तक परिचय"की श्रंखला में एक बार फिर से आप सभी का हार्दिक स्वागत है..🌹
29/03/2019

🌷पुस्तक परिचय-1🌷

नाम पुस्तक :-"बचपन.... काश !कहीं ठहर जाता" l






लेखिका:श्रीमती भार्गवी रविंद्र जी 


निवासी:-बैंगलोर(कर्नाटक)

शिक्षा:- सागर विश्वविद्यालय से भौतिक शास्त्र में एमएससी की उपाधि

प्रथम प्रकाशन :-कानपुर की साहित्यिक पत्रिका "मंच"में नज़्म और और कविताएं छपी

प्रकाशक :- मध्य प्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, भोपाल

प्रकाशन वर्ष:-2019

पुस्तक मूल्य:-145₹+डाक खर्च
साथियों आज "पुस्तक परिचय"की श्रंखला का प्रारम्भ आदरणीय "भार्गवी रविंद्र " जी की पुस्तक "बचपन.... काश !कहीं ठहर जाता" से कर रहा हूँ...
नागपुर में जन्मी श्रीमती भार्गवी रविंद्र विगत कई वर्षों से हिंदी में कविता लेखन का कार्य कर रही हैं, उनकी यह स्वान्तः सुखाय गतिविधि रही है जिसमें उन्हें भरपूर आनंद आता है और यह आनंद आपकी रचनाओं में मुखर हुआ है... l
डॉ शशि राय( पूर्व सदस्य विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली, उपाध्यक्ष मध्य प्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति) के शब्दों में यह पुस्तक... भाषा का लावण्य विचारों की उन्मुक्तता, उर्दू शब्दों का बहुत सुंदर और सटीक प्रयोग कविता के सौंदर्य को द्विगुणित कर देता है, उनकी अधिकांश कविताओं में जीवन के विभिन्न आयामों की चर्चा की गई है कभी वह बचपन की बात करती हैं, तो कभी बीते हुए सुहाने दिनों की याद करती हैं जीवन के दार्शनिक पक्ष की चर्चा उनकी कविताओं में बढ़-चढ़कर नजर आती हैl प्राकृतिक सौंदर्य के वाहक जैसे धूप, वृक्ष, गगन, रात, चांद आदि को भी उन्होंने अपनी कविताओं का हिस्सा बनाया है उनकी कविताओं में विविधता है जैसे गीत, ग़ज़ल नज़्म, मुक्तक, अशआर आदि.. l
शुद्ध मन से किया गया उत्कृष्ट लेखन जब प्रकाशित होता है तो वह लेखक की परिधि से बाहर आकर पाठकों तक पहुंचता है...
दक्षिण भारत में हिंदी को लोकप्रिय बनाने के लिए हिंदी दिवस मनाने की परंपरा का निर्वहन अपने शैक्षणिक संस्थाओं में करना साथ ही हिंदी नाटकों का मंचन,हिंदी में वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन आपकी हिंदी के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता हैl
"मेरी कलम से" मैं आदरणीया लिखती हैं... "अंत में इतना ही कहूंगी कि मेरे इस लघु प्रयास को साहित्यिक समीक्षा के रूप में न देखें इसे मेरी जिंदगी से जुड़े एहसासों का सफरनामा एक छोटा प्रयास समझ कर पढ़ें.."
"भावों के मोती" परिवार की ओर से इस पुस्तक के प्रकाशन की हार्दिक बधाई !!आपको उत्कृष्ट साहित्य जीवन की अनेकानेक शुभकामनाएं !💐🌹🙏
विशेष:-पुस्तक सीधे ही आदरणीया से मेसेंजर पर संपर्क कर मंगवाई जा सकती है l

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"मुलाक़ात "19अगस्त 2019

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